Pakistan-China CPEC | China-Pakistan Economic Corridor (CPEC) project; Sheikh Rashid assures China of foolproof security | चीन के राजदूत से मिले पाकिस्तान के होम मिनिस्टर; कहा- बाहरी ताकतों की साजिश नाकाम करेंगे

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इस्लामाबाद13 मिनट पहले

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पाकिस्तान में पिछले महीने चीनी इंजीनियरों के मारे जाने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट आ गई थी। अब पाकिस्तान ने चीन को मनाने की एक और कोशिश की है। होम मिनिस्टर शेख रशीद ने रविवार को चीनी राजदूत नोंग रोंग से मुलाकात की। मुलाकात के बाद रशीद ने कहा, हम चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) को नाकाम करने की विदेशी साजिशों को कामयाब नहीं होने देंगे।

14 जुलाई को दासू डैम प्रोजेक्ट साइट पर जा रहे वर्करों की एक बस में ब्लास्ट हुआ था। 13 लोग मारे गए थे। इनमें 9 चीनी इंजीनियर्स और टेक्नीशियन्स शामिल थे। इसके बाद चीन ने इस प्रोजेक्ट पर काम रोक दिया था और उसके कुछ वर्कर्स देश भी लौट गए थे।

खतरे में चीन के कर्मचारी
14 जुलाई को दासू डैम साइट पर जा रही बस में ब्लास्ट हुआ था। पाकिस्तान सरकार ने इसे पहले गैस लीकेज और बाद में सड़क हादसा बताया था। बाद में चीन ने अपनी एक टीम भेजकर मामले की जांच कराई तो ये साफ हो गया कि बस में बम ब्लास्ट हुआ था। इसके बाद से चीन और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव आ गया था। विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी और खुफिया एजेंसी आईएसआई के चीफ जनरल फैज हमीद सफाई देने बीजिंग गए थे। चीन ने दासू प्रोजेक्ट से कुछ पाकिस्तानी कर्मचारियों को भी निकाल दिया था। इसके बाद कराची में चीनी नागरिकों की कार पर भी आतंकी हमला हुआ था। इसमें दो लोग घायल हुए थे।

फूलप्रूफ सिक्योरिटी देंगे
होम मिनिस्टर शेख रशीद ने चीन के एम्बेसेडर से मुलाकात के बाद कहा- चीन हमारा सबसे करीबी दोस्त है। हम उनके कर्मचारियों को फूलप्रूफ सिक्योरिटी मुहैया कराएंगे। 60 अरब डॉलर की लागत से बन रहे सीपैक का काम नहीं रुकने दिया जाएगा। विदेशी ताकतें इसको नाकाम करने के लिए साजिशें रच रही हैं, हम उन्हें कामयाब नहीं होने देंगे।

‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ के मुताबिक, मीटिंग के दौरान दोनों देशों के आपसी संबंधों पर भी चर्चा हुई। यह भी तय हुआ कि दासू हमले की जांच दोनों देश मिलकर करेंगे और इसे जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।

पाकिस्तान ने छिपाया हमले का सच
पाकिस्तानी जांच एजेंसियों ने दासू हमले को हादसा बताकर मामले को दबाने की कोशिश की थी। लेकिन, चीन ने 15 सदस्यों वाली अपनी एक्सपर्ट टीम भेजी और उसने साफ कर दिया था कि यह हादसा नहीं हमला था। उसने इसके सबूत भी जुटा लिए थे। सीपैक प्रोजेक्ट के तहत हजारों चीनी कर्मचारी पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे हैं। इनकी सुरक्षा को लेकर कई सवालिया निशान लगने लगे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन अब तक सीपैक में करीब 10 अरब डॉलर इन्वेस्ट कर चुका है।

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