NIA ने कहा- हत्या का जश्न मनाने बिरयानी पार्टी कर रहे थे आरोपी, एजेंसी को 12 अगस्त तक मिली रिमांड | Amravati murder case: National Investigation Agency alleged Accused had biryani party after killing chemist

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अमरावती8 मिनट पहले

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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अमरावती हत्याकांड में गिरफ्तार दो आरोपियों को शुक्रवार को स्पेशल कोर्ट में पेश किया। NIA ने कोर्ट में दोनों को हिरासत में लेने की मांग करते हुए कहा कि उमेश की हत्या का जश्न मनाने के लिए बिरयानी पार्टी रखी गई थी, जहां से बुधवार को आरोपी मौलवी मुशफीक अहमद (41) और अब्दुल अरबाज (23) को पकड़ा गया।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद स्पेशल जस्टिस एके लाहोटी ने आरोपियों को 12 अगस्त तक एनआईए की हिरासत में भेज दिया है। गौरतलब है कि कोल्हे की 21 जून को पूर्वी महाराष्ट्र के अमरावती शहर में हत्या कर दी गई थी। उमेश ने नूपुर शर्मा के सपोर्ट में सोशल मीडिया पोस्ट शेयर किया था।

मास्टरमाइंड इरफान के संपर्क में थे आरोपी
NIA के मुताबिक अहमद ने आरोपियों को लॉजिस्टिकल सपोर्ट दिया था। वहीं अरबाज ने उमेश और उसकी दुकान पर नजर रखी थी। जांच एजेंसी ने अदालत को यह भी बताया कि दोनों ने उमेश की हत्या के बाद अन्य आरोपियों को फरार रहने में भी मदद की थी। इतना ही नहीं मुशफीक ने हत्या के मास्टरमाइंड शेख इरफान के साथ फोन पर बात की थी। जबकि अब्दुल, इरफान के ऑर्गनाइजेशन के लिए ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था। मास्टरमाइंड इरफान एक स्वयंसेवी संगठन चलाता था, जिसका नाम रहबर हेल्पलाइन था।

आरोपियों पर UAPA के तहत मामला दर्ज
अरबाज और मुशफीक पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों में इरफान शेख, शोएब खान, मुदस्सिर अहमद, आतिफ राशिद, यूसुफ खान, अब्दुल तौफुक और शाहरुख पठान और शमीम अहमद फिरोज अहमद के सहयोगी हैं। एनआईए ने दोनों पर आरोपियों को पनाह देने के लिए गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया था।

NIA पूछताछ में पता लगाएगी पार्टी में और कौन था
NIA कोर्ट में आरोपियों की रिमांड की मांग करते हुए कहा कि हत्या के बाद जो जश्न मनाया गया था उसमें कौन-कौन मौजूद था, यह पता लगाना जरूरी है। हालांकि आरोपियों की रिमांड का विरोध करते हुए वकील काशिफ खान ने कहा कि दोनों आरोप लागू नहीं होते, क्योंकि वे आतंकवादी नहीं।

खान ने तर्क दिया कि एजेंसी बिना किसी आतंकी संगठन का नाम लिए यह दिखाने की कोशिश कर रही थी कि यह एक आतंकी कृत्य था। खान ने यह भी कहा कि बिरयानी पार्टी का जिक्र केवल अपराध को और अधिक क्रूर बनाने के लिए किया जा रहा है।

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