बजरंग, साक्षी, दीपक और सुधीर लाए गोल्ड; 1 सिल्वर और 2 ब्रांज भी झोली में, CM ने दी बधाई | Commonwealth Games- 2022: Haryana players- Bajrang Punia, Deepak Punia, Sudhir Lath, Sakshi Malik Win gold;

सोनीपत9 मिनट पहले

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इंग्लैंड में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा के पहलवानों ने शुक्रवार को लठ गाड़ दिया। रेसलिंग में बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक और दीपक पूनिया और पैरा पावर लिफ्टिंग में सोनीपत के लाठ गांव के सुधीर ढ़ोचक ने गोल्ड जीता। वहीं अंशु मलिक ने सिल्वर और दिव्या काकरान व मोहित ग्रेवाल ने ब्रॉन्ज मेडल लिया। सीएम मनोहर लाल ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी है।

कॉमनवेल्थ गेम्स में हरियाणा के 43 खिलाड़ी विभिन्न खेलों में भाग ले रहे हैं। अब तक 7 स्वर्ण समेत 22 मेडल हरियाणा की झोली में आ गए हैं। वर्ष 2018 के कॉमनवेल्थ में प्रदेश के खिलाड़ियों ने 22 पदक जीते थे। इस बार यह पिछला रिकॉर्ड टूटने वाला है।

बजरंग के पिता को पहले ही विश्वास था

सोनीपत के रेसलर बजरंग पूनिया पर हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश की निगाहे टीकी हुई थी। रात 10 बजे के करीब मुकाबला हुआ तो कुछ मिनटों में उसने गोल्ड वाली पटकनी दे दी। बजरंग पूनिया ने पुरुषों के 65 KG फ्रीस्टाइल के फाइनल में कनाडा के लचलान मैकनील को 9-2 से मात दी है। इससे पहले दिन में उन्होंने सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के जॉर्ज रैम को 10-0 से हराया था। मॉडल टाउन में उसके पिता और परिवार के अन्य सदस्यों की भी मैच पर निगाहें थी। पिता बलवंत सिंह ने कहा कि पूरा विश्वास था कि इस बार बेटा गोल्ड ही लाएगा। पूरी तैयारी के साथ गया था। कोई दबाव नहीं था और हर मुकाबला अच्छे से खेला। भाई हरेंद्र ने मिठाई बांटी।

साक्षी ने सच किया सपना

रोहतक की रेसलर साक्षी मलिक शुक्रवार को दो मुकाबलों के लिए उतरी और दोनों में विजेता रहे कर देश को गोल्ड दिलाया। साक्षी मलिक तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में गई है। रोहतक की नई अनाज मंडी के पास सुनारिया चौक स्थित साक्षी मलिक की ससुराल में उसके पति, परिवार के बाकी सदस्यों और आसपड़ोस के लोगों ने TV पर लाइव मैच देखा। साक्षी के दांव-पेच और जीत के साथ पूरा घर तालियों से गूंजता रहा। पति अर्जुन अवार्डी सत्यव्रत कादियान ने कहा कि कॉमनवेल्थ में गोल्ड जीतना साक्षी का सपना था और यह सच हो गया है। उन्हें नहीं लगता था कि इस बार कोई अड़चन उनकी राह में आएगी। अब वे साक्षी के स्वागत की तैयारी करेंगे।

दीपक ने काढ़ ली सारी कसर

रेसलिंग में हरियाणा के झज्जर जिले के गांव छारा निवासी दीपक पूनिया ने स्वर्ण पदक देश की झोली में डाला। दीपक पूनिया ने 86 किग्रा. फ्री-स्टाइल कुश्ती में पाकिस्तान के मोहम्मद इनाम बट्‌ट को 3-0 से मात दी। पूरे मैच में दीपक पूनिया हावी नज़र आए और पाकिस्तानी रेसलर थके हुए से दिखाई दिए। तोक्यो ओलिंपिक में सैन मारिनो के पहलवान माइलेस नाजिम अमीन ने पूनिया की पदक की उम्मीदों पर पानी फेर दिया था।

पदक चूकने से वह एकदम टूट से गए थे। हाल ही में एशियन चैम्पियनशिप में भी पूनिया गोल्ड से चूके थे। मगर अब सारी कसर पूरी कर ली। दीपक के पिता सुभाष पूनिया एक डेयरी किसान हैं। वे ही दीपक को दंगल में ले जाते थे। दीपक ने अपने कुश्ती करियर की शुरुआत पांच साल की उम्र में अपने गृहनगर अर्जुन अवार्डी वीरेंद्र सिंह छारा के नेतृत्व वाले एक अखाड़े में की थी। पिता अब कॉमनवेल्थ में बेटे के गोल्ड लाने पर फूला नहीं समा रहे।

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