ईरानी राष्ट्रपति ने की थी मांग, क्रिस्टीन बोली- USA में ऐसा कोई नियम नहीं | Iranian President had demanded, Christine said – there is no such rule in USA

एक घंटा पहले

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ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होने के लिए इन दिनों न्यूयॉर्क में हैं। इस दौरान बुधवार को इंटरनेशनल न्यूज चैनल CNN में एंकर क्रिस्टीन एमनपोर के साथ उनका इंटरव्यू होना था। लेकिन उनका इंटरव्यू नहीं हो पाया। राष्ट्रपति इब्राहिम ने क्रिस्टीन के सामने शर्त रखी थी की वह हिजाब पहनकर उनकी इंटरव्यू लें। क्रिस्टीन ने राष्ट्रपति की इस बात से इनकार कर दिया और कहा कि यहां ऐसा कोई नियम नहीं है। यही वजहमलम रही की इंटरव्यू नहीं हो पाया।

जानकारी के मुताबिक, क्रिस्टीन एमनपोर ईरानी महिला है। वह राजधानी तेहरान में पली-बढ़ी हैं। सीएनएन में एंकर हैं और एक फारसी वक्ता हैं। राष्ट्रपति के हिजाब पहनकर इंटरव्यू लेने वाली बात पर क्रिस्टीन ने कहा कि वह जब ईरान में रिपोर्टिंग करती थी तो वहां के कानून और रीति-रिवाजों का पालन करने के लिए वह हिजाब पहनती थीं।

क्रिस्टीन बोली- जिस देश में हूं वहां नियम नहीं
क्रिस्टीन ने कहा कि वह अब एक ऐसे देश में हैं जहां इंटरव्यू के लिए हिजाब पहनने का कोई नियम नहीं हैं। उन्होंने बहुत विनम्रता के साथ राष्ट्रपति से कहा कि वह किसी भी ईरानी अधिकारी के साथ इंटरव्यू के लिए हिजाब नहीं पहनेंगी। उन्होंने कहा कि 1995 के बाद से उन्होंने कई लोगों का इंटरव्यू लिया लेकिन उन्हें हिजाब पहनने के लिए नहीं कहा गया।

ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने कहा कि एंकर हिजाब पहनकर आएं तब ही इंटरव्यू होगा।

ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने कहा कि एंकर हिजाब पहनकर आएं तब ही इंटरव्यू होगा।

ईरान में इस्लामिक क्रांति के बाद से ये नियम
ईरानी कानून के हिसाब से सभी महिलाओं को सार्वजनिक रूप से सिर ढकने और ढीले कपड़े पहनने का नियम है। ईरान में 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से यह नियम लागू किया गया जो देश की हर महिला के लिए अनिवार्य है। इसमें पर्यटक, राजनीतिक हस्तियां और पत्रकार भी शामिल हैं।

ईरान में हिजाब विरोधी प्रदर्शन 15 शहरों में फैला, अब तक 31 की मौत, 1 हजार गिरफ्तार

ईरान में 16 सितंबर से हिजाब के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। महिलाओं के साथ पुरुष भी प्रदर्शन में शामिल है। अब ये 15 शहरों में फैल गया है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें भी हो रही हैं। आंदोलन कर रहे लोगों को रोकने के लिए पुलिस ने गोलियां चलाईं। गुरुवार को फायरिंग में 3 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई। 5 दिन में मरने वालों की तादाद 31 हो गई है। सैकड़ों लोग घायल हैं।

1000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सरकार की मॉरल पुलिसिंग के खिलाफ युवाओं ने गरशाद नाम का मोबाइल ऐप बना लिया है। इस ऐप को 5 दिन में 10 लाख लोगों ने डाउनलोड किया है। युवा इसके जरिए सीक्रेट मैसेज चला रहे हैं। इसे देखते हुए तेहरान में मोबाइल इंटरनेट बंद और इंस्टाग्राम को ब्लॉक कर दिया गया है। पढ़ें पूरी खबर…

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